Acres of Diamonds

   जीवन में सफलता के लिए और लक्ष्य प्राप्ति के लिए सबसे बुनियादी चीज हैं आपका नजरिया।



हावर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी में पाया गया की जब कोई व्यक्ति नौकरी पाता है तो इसमें आठ 5% हिस्सेदारी उसके नजरिए की होती है और बाकी के 15% उस व्यक्ति के स्मार्टनेस और काम की जानकारी शामिल होती है हैरत की बात तो यह है कि पढ़ाई पर खर्च होने वाली पूरी की पूरी रकम या पैसा इसी स्मार्टनेस पर खर्च की जाती है जबकि सफलता में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ 15% है।

आइए नजरिए को एक कहानी के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं


हीरो से भरा खेत

Acres of Diamonds

   अफ्रीका में एक खुश और संतुष्ट किसान रहता था वह खुश था क्योंकि वह संतुष्ट था और वह संतुष्ट था क्योंकि वह खुश था। अपने जीवन को अपने परिवार के साथ खुशी खुशी बिता रहा था। और इस सब को परमपिता परमेश्वर का आशीर्वाद समझ रहा था।

 एक दिन उसके पास एक ज्ञानी व्यक्ति आया जिसने उसे डायमंड की अहमियत और उसकी ताकत के बारे में बताया।

ज्ञानी व्यक्ति ने कहा अगर तुम्हारे पास अंगूठे के जितना भी डायमंड हो तो तुम एक साथ खा सकते हो, और अगर तुम्हारे पास मुट्ठी के बराबर डायमंड हो तब तो तुम शायद अपने देश के ही मालिक बन सकते हो


 ऐसी बातों पर विस्तार से चर्चा करने के बाद वह ज्ञानी व्यक्ति चला गया। उसके जाने के बाद किसान लगातार उन्हीं बातों पर अपना मनन करता रहा उस रात किसान बिल्कुल नहीं सो सका अब परिस्थितियां बदल चुकी थी

  ‌ वह नाखुश और असंतुष्ट हो गया। वह नाखुश था क्योंकि वह संतुष्ट था और असंतुष्ट इसलिए था क्योंकि वह नाखुश था।

   डायमंड के बारे में सोच सोच कर उसने अपना सारा काम धाम बंद कर दिया और कुछ दिनों में उसने अपने खेतों को बेचने का बंदोबस्त किया।

 खेतों को बेचने पर जो पैसा मिला उससे उसने अपने घर वालों की देखभाल का इंतजाम करके वह डायमंड की खोज में निकल पड़ा। पूरी अफ्रीका में वह घूमता रहा लेकिन कुछ ना मिला। अफ्रीका से निकलकर डायमंड की खोज में वह यूरोप जा पहुंचा।  सारी यूरोप का चक्कर लगाने के बाद भी उसकी खोज पूरी ना होई । डायमंड की खोज में घूमते घूमते वाह स्पेन पहुंचा तब तक वह इमोशनली फिजिकली और फाइनेंशली कमी के कारण बिल्कुल टूट चुका था। उसके सोचने की क्षमता पूर्णतया खत्म हो चुकी थी उसकी हिम्मत इतनी ज्यादा टूट गई कि उसने वहीं पर नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली।


     दूसरी तरफ जिस व्यक्ति ने उसे खेत खरीदे थे एक बार जब वह खेतों से गुजरने वाली एक नहर से अपने ऊंटो को पानी पिला रहा था तो नहर के दूसरे किनारे पर सूरज की रोशनी जैसे ही एक पत्थर पर पड़ी तो इंद्रधनुष की तरह सात रंग जगमगा उठे। उस व्यक्ति ने सोचा कि यह पत्थर बैठक में सजाने के काम आएगा और वह उसे उठाकर घर ले आया और बैठक में सजा दीया।


   ‌ कुछ दिनों के पश्चात भी ज्ञानी आदमी घूमते हुए उस घर में आया और उसने उस घर के मालिक के बारे में जानने की कोशिश की। घर के नहीं मालिक में ज्ञानी व्यक्ति से साथ बैठकर चर्चा करना शुरू किया। उसी समय उस ज्ञानी व्यक्ति ने बैठक में रखे हुए हैं और चमकदार पत्थर के बारे में घर के मालिक से पूछा। 


ज्ञानी व्यक्ति ने बताया कि यह चमकदार पत्थर डायमंड है और इसे मैं पहचानता हूं।

घर के नहीं मालिक ने ज्ञानी व्यक्ति की बात को काटते हुए कहा कि यह सिर्फ एक चमकदार पत्थर है वह नहर के किनारे काफी ऐसे पत्थर पड़े हुए हैं । आप मेरे साथ आइए मैं आपको लेकर चलता हूं वह दिखाता हूं।


वे दोनों नहर के किनारे पहुंचे तो वास्तव में वह बहुत सारे चमकदार पत्थर पड़े हुए थे जो सूर्य की रोशनी में चमक रहे थे। उनमें से कुछ पत्थर को उठाकर जांच के लिए भेजा गया तो सचमुच में वे पत्थर डायमंड ही थे। उन्होंने पाया कि खेत में दूर-दूर तक डायमंड दबे हुए थे।


इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है आइए देखते हैं

  1.  जब हमारा नजरिया एटीट्यूड सही हो तब हमें एहसास होता है कि हम हीरो के खेत पर चल रहे हैं जो अक्सर हमारे पैरों के नीचे होते हैं इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है जरूरत है तो सिर्फ इसे पहचान ने की

  2. दूसरी और घास हमेशा हरी दिखती है

  3. जब एटीट्यूड सही नहीं होता है तो लोग अपॉर्चुनिटी को पहचान नहीं पाते हैं और अपॉर्चुनिटी का खटखटाना उन्हें नॉइजी लगता है

  4. एक अपॉर्चुनिटी दोबारा नहीं आती है। दूसरी अपॉर्चुनिटी पूरी और अच्छी हो सकती है लेकिन वह नहीं होगी जो पहले थी।

इसलिए सही समय पर सही एटीट्यूड के साथ डिसीजन लेना बहुत अहमियत रखता है। हमारा नजरिया ही इस बात को तय करता है कि हम हर मिलने वाली अपॉर्चुनिटी को किस तरह से देखते हैं। 


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